मंगलवार, 3 मार्च 2026

ब्लड - मून

 




जैसे ही सूरज - चाँद के बीच
'पृथ्वी' आ गई...
चाँदनी 'सुर्ख-लाल' रंग में
नहा गई...
लोगों ने कहा देखो,
'मून-ब्लड' हो गया....
लगा 'ग्रहण' और
"चाँद" सो गया...
चाँद ने कहा,
'धरती' के बाशिंदों से...
मैं तुम्हारी 'पृथ्वी' का
"आईना" हो गया...
ये 'सुर्ख लाल रंग'
कहाँ मेरा है?
तुमने ही धरती पर
'लाल रंग' खेला है...
और... कहते हो मैं
"ब्लड-मून" हो गया...
ये "ग्रहण" मुझपर नहीं...
तुमपर लगा है?
तुम्हारा "मानवतावादी"
चेहरा खो गया...
मैं तो बस पृथ्वी का
"आईना" हो गया 🌞🌎🌘

- अमित अरुण

सोमवार, 2 मार्च 2026

युद्ध

युद्ध लड़ते है दो देश?
या दो देशों के 'कुछ' लोगों का 'अहंकार'!
हाहाकार, चीख - पुकार, अत्याचार....
मरते नहीं केवल सैनिक...
पर मासूम... और... प्यार....
और....
कुछ लोग चटखारे ले लेकर देखते है....
युद्ध का लाइव टेलीकास्ट...
उन्हें 'करूण' नहीं, 'रोमांचित' करता है बम-ब्लास्ट....
और.... इंसान ही इंसान की मौत पर....
करता है अट्टाहास....
बस....
यही है 'इंसान' के 'दानव' बनने की शुरुआत?